Korba : बांगो बांध में 90% के करीब पहुंचा पानी! कभी भी खुल सकते हैं गेट, हसदेव किनारे हाई अलर्ट
हसदेव नदी के किनारे बाढ़ क्षेत्र में मौजूद चल-अचल संपत्तियों को सुरक्षित स्थान पर हटाने की सूचना जारी की है

कोरबा : लगातार बारिश के बीच मिनीमाता बांगो जलाशय (Bango Dam) में जलभराव 89.55 प्रतिशत तक पहुंच गया है। जलाशय में पानी की आवक बढ़ने पर कभी भी गेट खोलकर हसदेव नदी में पानी छोड़ा जा सकता है। जल संसाधन विभाग ने संभावित बाढ़ को देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों, खदानों, औद्योगिक इकाइयों और संस्थानों को अलर्ट किया है।
मिनीमाता हसदेव बांगो बांध संभाग क्रमांक-3 माचाडोली के कार्यपालन अभियंता एस.के. भारती के अनुसार, बारिश के कारण जलाशय के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्तमान में जलभराव 89.55 प्रतिशत दर्ज किया गया है। पानी की आवक बढ़ने की स्थिति में जलाशय का गेट खोलकर पानी की निकासी की जा सकती है।
हसदेव नदी किनारे संपत्ति हटाने के निर्देश
विभाग ने बांध के नीचे हसदेव नदी के किनारे बाढ़ क्षेत्र में मौजूद चल-अचल संपत्तियों को सुरक्षित स्थान पर हटाने की सूचना जारी की है। खनिज खदानों के ठेकेदारों, औद्योगिक इकाइयों और संस्थानों को भी अपनी परिसंपत्तियां बाढ़ क्षेत्र से बाहर करने के लिए कहा गया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि अचानक बाढ़ आने से होने वाली किसी भी क्षति के लिए जल संसाधन विभाग जिम्मेदार नहीं होगा। संभावित बाढ़ क्षेत्र में आने वाले गांवों में बाढ़ चेतावनी की मुनादी कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इन गांवों पर विशेष नजर
संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बांगो, चर्रा, पोड़ी उपरोड़ा, कोनकोना, लेपरा, टुनियाकछार, पाथा, गाड़ाघाट, छिनमेर, कछार, कलमीपारा, सिलीयारीपारा, जूनापारा, तिलाईडाड, डुगुपारा, टुंगुमांड़ा, छिर्रापारा, मछलीबाटा, कोरियाघाट, धनगांव, डोंगाघाट, नरमदा, औराकछार, सोनगुड़ा, जेलगांव, झाबू, नवागांव, तिलसाभाटा, लोतलोता, स्याहीमुड़ी, कोडा, हथमार, झोरा और सिरकीकला सहित अन्य गांव शामिल हैं।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
जलाशय में पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए हसदेव नदी और संभावित बाढ़ क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोगों से सतर्क रहने तथा विभागीय चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।



