कोरबा : एनकेएच हॉस्पिटल ने आयुष्मान योजना से वंचित कर इलाज के पैसे वसूल लिए, अब वापस करना होगा
लिखित शिकायत कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, कोरबा से की गई

कोरबा, 13 जुलाई। एनकेएच ग्रुप (NKH Groups) के अस्पताल इलाज से अधिक अपने कारनामों के लिया विख्यात हैं। एनकेएच जीवन आशा हॉस्पिटल ने एक मरीज को आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat scheme) का लाभ न देकर उससे साठ हजार रुपए वसूल लिए थे।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एनकेएच के चार हॉस्पिटल संचालित हैं। जमनीपाली क्षेत्र में एनकेएच जीवन आशा हॉस्पिटल (NKH Jeevan Asha Hospital) का संचालन किया जा रहा है। अक्टूबर 2024 में एकदशया थवाईत नामक व्यक्ति को पैरालिसिस के इलाज के लिए भर्ती किया गया था। अस्पताल प्रबंधन ने मरीज की स्थिति गंभीर बता उसे वेंटिलेटर पर डाल दिया और इलाज के लिए नगद रकम जमा करने कहा गया।
मरीज के परिजनों ने प्रबंधन को बताया कि एकदशया थवाईत आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी हैं, इसलिए इस योजना के तहत उनका इलाज किया जाए। एनकेएच जीवन आशा हॉस्पिटल सरकार की आयुष्मान योजना के क्रियावयन के दायरे में है। इसके बाद भी अस्पताल प्रबंधन द्वारा आयुष्मान योजना का लाभ न देते हुए इलाज के लिए मरीज के परिजनों से 60 हजार 270 रुपए वसूल लिए गए।
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एक सप्ताह बाद इसकी लिखित शिकायत कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, कोरबा से की गई। शिकायत पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया गया।
कलेक्टर ने इस पर संज्ञान लेते हुए प्रकरण को समय सीमा की बैठक (18 अक्टूबर, 2024) में लाया और जांच की गई। 7 माह बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने 5 जून, 2025 को एनकेएच जीवन आशा हॉस्पिटल को पत्र (क्र. 5810) भेजा।
इस पत्र में कहा गया कि जांज के अनुसार मरीज पैरालिसिस स्टोक बीमारी से पीड़ित था। जिसे आयुष्मान योजनांतर्गत पैकेज कोड MG049C (Acute ischemic stroke) में उपचार की सेवाएं सुलभ कराई जा सकती थी, किंतु अस्पताल आयुष्मान भारत योजनांतर्गत अधिकृत होने उपरांत भी मरीज को योजना का लाभ न देकर नगद राशि से उपचार किया गया, जो अनुचित है। पत्र में अस्पताल प्रबंधन को मरीज द्वारा दी गई 60 हजार 270 रुपए की राशि वापस करने निर्देशित किया।



