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Korba : समाज कल्याण के उप संचालक हरीश सक्सेना ने जनसंपर्क विभाग को गुमराह कर झूठी सूचना कराई जारी

संस्था ने कलेक्टर से उप संचालक हरीश सक्सेना के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की मांग की है

कोरबा (Korba)। कोरबा के समाज कल्याण विभाग (Social Welfare Department) पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशांति वृद्धाश्रम प्रबंधन ने समाज कल्याण विभाग के उप संचालक हरीश सक्सेना के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि उन्होंने न केवल 74 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग हीरालाल चौहान को पांच महीने तक उनकी आवश्यकता के अनुरूप व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं कराई, बल्कि जनसंपर्क विभाग के माध्यम से भ्रामक और गलत सूचना जारी कर पूरे मामले को छिपाने की कोशिश भी की।

संस्था द्वारा दिए गए शिकायत पत्र के अनुसार, 19 फरवरी 2026 को उप संचालक समाज कल्याण विभाग को पत्र लिखकर हीरालाल चौहान के लिए बड़ी साइज की व्हीलचेयर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया था कि वृद्धाश्रम में उपलब्ध व्हीलचेयर आकार में छोटी हैं तथा उपयोग में लाई जा रही व्हीलचेयर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसके बावजूद विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। संस्था का कहना है कि कई बार मौखिक अनुरोध और 27 अप्रैल 2026 को कलेक्टर को लिखित शिकायत देने के बाद भी व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं कराई गई।

इसी बीच 26 मई, 2026 को समाज कल्याण विभाग की ओर से जनसंपर्क विभाग के माध्यम से एक समाचार जारी कराया गया, जिसमें दावा किया गया कि 19 दिसंबर, 2025 को ही हितग्राही हीरालाल चौहान को व्हीलचेयर उपलब्ध करा दी गई थी। संस्था ने इस दावे को पूरी तरह भ्रामक बताते हुए कहा कि दिसंबर 2025 में भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम, जबलपुर द्वारा वृद्धाश्रम को 10 व्हीलचेयर दी गई थीं, लेकिन वे सभी छोटे आकार की थीं और हीरालाल चौहान के उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं थीं। संस्था के अनुसार, विभाग ने इसी तथ्य को छिपाकर गलत सूचना जारी की।

मामला तब और गंभीर हो गया जब 16 जुलाई, 2026 को 74 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग हीरालाल चौहान स्वयं ऑटो से समाज कल्याण विभाग के कार्यालय पहुंच गए। शिकायत के अनुसार, उनके कार्यालय पहुंचते ही विभाग ने तत्काल उनके उपयोग के अनुरूप बड़ी साइज की नई व्हीलचेयर उपलब्ध करा दी।

संस्था ने अपने आवेदन में सवाल उठाया है कि यदि विभाग का दावा सही था और 19 दिसंबर, 2025 को ही उपयुक्त व्हीलचेयर उपलब्ध करा दी गई थी, तो फिर 16 जुलाई, 2026 को कार्यालय पहुंचने पर नई व्हीलचेयर क्यों दी गई?

प्रशांति वृद्धाश्रम की संचालक संस्था ने आरोप लगाया है कि उप संचालक हरीश सक्सेना ने जानबूझकर एवं दुर्भावनापूर्वक एक दिव्यांग बुजुर्ग को आवश्यक सुविधा से वंचित रखा तथा बाद में जनसंपर्क विभाग के माध्यम से गलत जानकारी जारी कर प्रशासन और जनता को गुमराह किया। संस्था ने कलेक्टर से उप संचालक हरीश सक्सेना के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की मांग की है।

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